Kundru Ki Kheti करके कम लागत में हर महीने कमाए 50 हजार से 80 हजार तक।

Kundru Ki Kheti in Hindi: नमस्कार दोस्तो! आज की यह पोस्ट किसान भाइयों के लिए होने वाली है। यदि आप गांव में रहते है और खेती करके पैसे कमाने की सोच रहे हैं तो यह पोस्ट आपके लिए काफी उपयोगी साबित होगी।

इस पोस्ट में हम बात करने वाले है Kundru Ki Kheti In Hindi में जिसमे आपको कुंदरु की खेती कैसे करनी है, बीज का चुनाव, मिट्टी, सिंचाई, उर्वरक और इसमें कितने निवेश के साथ कितने का मुनाफा कमाया जा सकता है। इन सभी बातों पर जानकारी प्रदान की जाएगी।

चलिए सबसे पहले जानते है कुंदरु क्या है और इसके फायदे क्या होते है। इसके बाद इसी फसल के बारे में जानकारी प्राप्त करेंगे।

कुंदरु क्या होता है? – Kundru Ki Kheti

Kundru Ki Kheti करके कम लागत में हर महीने कमाए 50 हजार से 80 हजार तक।
Kundru Ki Kheti In Hindi

कुंदरु एक प्रकार की सब्जी है जो की लताओं वाले पौधे पर उगती हैं। जिसे उत्तर प्रदेश के बहुत से हिस्सा में इसे खुरदुन के नाम से भी जाना जाता है। इसमें विटामिन ए और सी की प्रचुर मात्रा के साथ-साथ, कैल्शियम, आयरन जैसे पोषक तत्व और एंटी बैक्टिरियल गुण पाए जाते है जो स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभप्रद है।

कुंदरु के फ़सल की जानकारी

कुंदरु लतादार सब्जी है जो 2 से 5 मीटर तक लंबी लताओं पर उगाई जाती है। कुंदरु को एक बार लगाने के बाद आप इसे 3 से 5 सालों तक लाभ की प्राप्ति कर सकते है। इस फायदेमंद सब्जी की फसल को ज्यादे देख rekh की आवश्यकता नही होती है। जहां का मौसम ठंडा होता है वहां पर इसकी खेती करना थोड़ा महंगा होता है क्योंकि वह फसल की आयु मात्र 7 से 8 महीने तक ही होती है।

देश के विभिन्न राज्यों जैसे उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, बिहार, छतिसगण में इसकी खेती करके बहुत से किसान भाई महीने में लाखो रुपए कमा रहे है।

कुंदरु की खेती कैसे करें?

कुंदरु की खेती करना बहुत जटिल नही है, इसे आप सीमित संसाधन में भी छोटे स्तर से शुरुआत करके अच्छा पैसा कमा सकते है। Kundru Ki Kheti का चरण निम्नलिखित रूप से दिया गया है जो आपको कुंदरू की खेती करने में सहायक होने वाला है-

1. कुंदरु की खेती के लिए उपयुक्त जलवायु और तापमान

कुंदरु एक गर्म जलवायु वाली फसल है। जिसके लिए जो भी स्थान गर्म और आद्र रहते है वहां पर इसकी पैदावार काफी अच्छी होती है। इसीलिए भारत के पूर्वी भागों में इसकी पैदावार अच्छी और उतरी भाग में ज्यादे ठंड की वजह से पैदावार कम होती है।

इस फसल के लिए औसत वर्षा 100 से 120 सेमी तक पर्याप्त होती है। वही इस फसल के लिए 25 से 35 डिग्री का तापमान सबसे अच्छा माना जाता है।

2. मिट्टी का चुनाव

कुंदरु की खेती के लिए मिट्टी की बात करें तो आप इसे किसी भी भूमि/मिट्टी पर आसानी से उगा सकते हैं लेकिन अच्छे पैदावार के लिए बलुई दोमट मिट्टी उपयुक्त होती है। इसमें पानी सोखने की पर्याप्त क्षमता होती है जो की कुंदरु की फसल के लिए काफी अच्छी बात है।

जल जमाव वाले क्षेत्र/ मिट्टी पर इसकी खेती नहीं करनी चाहिए क्योंकि कुंदरु की जड़ें पानी के भराव के कारण अच्छे से पोषित नही तो पाती और फसल को नुकसान होता है।

3. खेत की तयारी और खाद/उर्वरक

कुंदरु की खेती करने से पहले आप जिस भी खेत में इसकी बुवाई करने वाले है उसकी अच्छे से गहरी जुताई कर सभी खर पतवार को साफ कर लें , इसके बाद भूमि को 4 से 5 दिनो तक वैसे की धुप की किरणों को लगने के लिए छोड़ दें। जब मिट्टी थोड़ी सफेदी पकड़ने लगे तो उसे सिंचाई के द्वारा पानी भर दें। जब पानी सूख जाए तो पुनः खेत की एक से दो तिरछी जुताई करे।

जब मिट्टी भुरभुरी हो जाए तो खेत का समतलीकरण कर लें और 12 इंच की लबाई ,चौड़ाई और गहराई के गड्ढे पक्तिवार खोद लें। ये जरूर ध्यान दें की प्रत्येक गड्ढे से गड्ढे के बीच में कम से कम 1.5 मीटर की दूरी अवश्य रहे।

ये सभी कार्य हो जाने के बाद से अब बात आती है खाद की तो अच्छी फसल पाने के लिए आपको नीचे बताए गए खादों को प्रति हेक्टेयर के हिसाब से सभी गड्ढों में भर दें।

  • गोबर की खाद / जैविक खाद 4 से 5 kg प्रत्येक गड्ढा।
  • 45 से 60 kg फास्फोरस
  • 70 से 80 kg नाइट्रोजन
  • 35 से 40 kg पोटाश

उपर्युक्त बताए गए सभी उर्वरकों को मिलाकर प्रति हेक्टेयर के हिसाब से खेत में देना चाहिए।

4. कुंदरु की बीज का चयन

कुंदरु की फसल को प्रत्येक वर्ष लगाने की आवश्यकता नही होती है क्योंकि इसकी जड़े लम्बे समय तक जीवित रहती है। इसको एक बार लगाने के बाद 3 से 5 वर्षो तक इसकी देख रेख करते रहना चाहिए इसी लिए उन्नत किस्म की प्रजाति के बीज का प्रयोग करना आवश्यक हो जाता है।

कुछ उन्नत किस्म की कुंदरु के बीजों के नाम को नीचे दिया गया है-

  • इंदिरा कुंदरु- 3
  • इंदिरा कुंदरु- 5
  • काशी
  • अर्का निलाचल कुंखी
  • अर्का नीलाचल सबूजा

5. बीज की रोपाई- Kundru Ki Kheti In Hindi

Kundru Ki Kheti करके कम लागत में हर महीने कमाए 50 हजार से 80 हजार तक।

कुंदरु की कलम विधि से की जाती है। जिसके लिए 6 से 10 माह पुरानी लताओं से 17 से 20 सेमी लम्बी, 1.5 सेमी मोटी 4 से 5 को एक साथ लेकर एक कलम तैयार किया जाता है और 40 से 50 दिनो तक उसकी अच्छे से देख रेख की जाती है। इसके पश्चात इन गांठों से जड़े निकलने लगती है।

जब जड़े निकलने लगे तो इसे कलम से निकल कर सीधे खेत में बनाए गए गड्ढों में बुआई कर देनी है।

6. रोपाई का समय

कुंदरु के गांठों से तैयार कलम को बोने का सितंबर से अक्टूबर के बीच का समय सबसे उपयुक्त माना जाता है।

7. सिंचाई का समय

कुंदरु के फ़सल के लिए गर्मी में सिंचाई सबसे ज्यादा जरूरी होती है जिससे की पैदावार अच्छी बनी रहे। गर्मी के मौसम में 4 से 6 दिनो के अंतराल पर नमी बनाए रखने भर का पानी देते रहना चाहिए।

बारिश के मौसम में पानी नहीं देना है और जल निकासी का उचित प्रबंध करना इस फसल के लिए आवश्यक है।

8. Kundru Ki Kheti में लगने वाले रोग और उसकी रोकथाम

कुंदरु की फसल पर कीटो वाले रोग ज्यादा देखने को मिलते है जिसमे फल मक्खी रोग, फलो भ्रंग रोग, गुबरैला और सफेद फफूदी मुख्य होता है। इन सभी कीड़े वाले रोग को दूर करने के लिए कुंदरु के फसल पर नीम के रस के साथ माइक्रो झाझम का घोल बनाकर छिड़काव करना चाहिए।

एक मौसमी रोग भी इसमें देखने को मिलता है जिसे मृदु चूर्णील रोग कहते है। इसमें रोग से प्रभावित पौधे की पतियों पर सफेद रंग के धब्बे दिखते है, जैसी समय रहते उपचारित नही किया गया तो वह तेजी से पूरे फसल में फैल जाता है। इसको दूर करने के लिए पौधे पर 0.1 प्रतिशत बिवस्तीन का मिश्रण तैयार कर छिड़काव करना चाहिए।

9. फसल की तुड़ाई और पैदावार

कुंदरु की फसल बोने के 50 से 55 दिनों के अंदर फल देकर तोड़ने के लिए तैयार हो जाती है। जिसके बाद इसकी दूसरी फसल को 4 से 6 दिन के अंतराल के बाद महीने में 4 से 5 बार तोड़ी जाती है।

इसकी पैदावार उचित देख रेख़ और उन्नत किस्म पर निर्भर करती है। एक छोटे स्तर पर बात करें तो इसकी एक कठ्ठे की भूमि पर प्रत्येक 4 से 5 दिन बाद 70 से 80 किलो तक की पैदावार मिल जाती है।

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Kundru Ki Kheti से प्राप्त लाभ

जैसा की ऊपर बताया गया है की प्रत्येक एक कठ्ठे में 4 से 5 दिन के अंतराल पर औसतन 80 किलोग्राम फल प्राप्त होता है तो उस हिसाब से महीने में 80×4 = 320 kg फल प्राप्त होगा।

कुंदरु की कीमत बाजार में औसतन 45 रूपये रहती ही है। इस प्रकार देखा जाए तो महीने में आप केवल एक कठ्ठे से 320×45 = 14,440 रूपये की कमाई करते है। जिसमे से खाद और देख रेख की कीमत निकाल लें तो 12,000 रूपये नेट लाभ प्राप्त होगा।

FAQ: Kundru Ki Kheti in Hindi

कुंदरु की खेती से संबंधित अधिकतर पूछे जाने वाले कुछ सवाल और जबाब को नीचे दिया गया है-

कुंदरु की बुआई कब की जाती है?

कुंदरु की बुआई की दृष्टि से सितंबर से अक्टूबर का महीना सबसे उपयुक्त माना जाता है।

कुंदरु की खेती से कितने रुपए कमाए जा सकते है?

Kundru Ki Kheti यदि आप ठीक प्रकार से करते हैं तो प्रत्येक महीने 70 से 80 हज़ार की कमाई कर सकते हैं।

निष्कर्ष: Kundru Ki Kheti in Hindi

इस पोस्ट के माध्यम से Kundru Ki Kheti in Hindi में कैसे करनी है और इससे आपको प्रत्येक महीने कितने रुपए का लाभ प्राप्त हो सकता है। सभी बातों को इसमें बताया गया है। हमे उम्मीद है की आपको सभी बातें स्पष्ट हो गई होंगी।

इस विषय से संबंधित किसी भी प्रकार का सवाल यदि आपके मन में आए तो आप कमेंट के माध्यम से हमसे जरूर साझा करें। इसे अपने किसान भाइयों के पास ज्यादा- से- ज्यादा शेयर करें।

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नमस्कार दोस्तों ,मेरा नाम अमित है और मैं पिछले २ वर्षो से ऑनलाइन माध्यम से पैसे कमाने और बिज़नेस से जुडी जानकारी लोगो के साथ शेयर कर रहा हूँ| मैंने अपना ग्रेजुएशन अर्थशास्त्र से किया है जो मुझे फाइनेंस और बिज़नेस से जुडी जानकारी को लोगो तक साझा करने में मदद करता है | इस वेबसाइट की मदद से यही जानकारी लोगो तक पहुंचने का प्रयाश कर रहा हूँ |

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